वाराणसी में घटा गंगा का जलस्तर, नाव संचालन अभी भी बंद

Report By: Kiran Prakash Singh

वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार घट रहा है। अब तक करीब साढ़े चार फीट पानी कम हुआ है, लेकिन नाव संचालन बंद है और निचले इलाकों में अलर्ट जारी है।

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वाराणसी में घट रहा गंगा का जलस्तर, खतरा अभी टला नहीं

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। जलस्तर फिलहाल चेतावनी निशान से नीचे बना हुआ है और बाढ़ का तत्काल खतरा पहले की तुलना में कम हुआ है। हालांकि, निचले इलाकों में अभी भी अलर्ट जारी है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी के तट से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है।

गंगा के जलस्तर में कमी के बावजूद नौका संचालन अभी निलंबित है। स्थानीय लोगों के मुताबिक नदी का बहाव और जलस्तर सामान्य स्थिति में आने के बाद ही नावों के संचालन की अनुमति मिलने की उम्मीद है।

1. एक सेंटीमीटर प्रति घंटे घट रहा जलस्तर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गंगा का जलस्तर करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कम हो रहा है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार गंगा का जलस्तर 68.92 मीटर दर्ज किया गया है।

इससे पहले शनिवार को जलस्तर 69.28 मीटर तक पहुंचा था। मौजूदा जलस्तर 70.26 मीटर के चेतावनी बिंदु से करीब 1.34 मीटर नीचे है। लगातार गिरते जलस्तर से बाढ़ का तत्काल खतरा कम हुआ है, लेकिन प्रशासन अभी पूरी तरह सतर्क है।

2. अब तक करीब साढ़े चार फीट कम हुआ पानी

पंडित ओमकारनाथ त्रिपाठी ने समाचार एजेंसी IANS को बताया कि गंगा का जलस्तर लगातार घट रहा है और अब तक करीब 4.5 फीट पानी कम हो चुका है।

उन्होंने बताया कि जलस्तर बढ़ने के बाद घाटों पर गंदगी और मिट्टी जमा हो गई है। गंगा में बढ़े पानी और तेज बहाव का असर स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी पर भी पड़ा है। आम लोगों और श्रद्धालुओं के लिए गंगा स्नान करना भी चुनौतीपूर्ण रहा।

उनके मुताबिक स्नान और धार्मिक गतिविधियों पर असर पड़ने से घाटों से जुड़े लोगों के कामकाज पर भी प्रभाव पड़ा है।

3. नौकायन पर अभी भी लगी रोक

स्थानीय नागरिक विकास कुमार सहनी के अनुसार, नौकायन अभी बंद चल रहा है। उनका कहना है कि जलस्तर में और कमी आने के बाद ही नावों का संचालन शुरू हो सकेगा।

गंगा में जलस्तर घटने के बावजूद नदी का बहाव और सुरक्षा स्थिति प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए फिलहाल नाव संचालन को लेकर जल्दबाजी नहीं की जा रही है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से भी नदी के किनारे सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

4. निचले इलाकों में अभी अलर्ट

जलस्तर में गिरावट के बावजूद वाराणसी के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन की निगरानी जारी है। लोगों को नदी के तट और अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है।

गंगा का पानी कम होने के साथ स्थिति में सुधार की उम्मीद है, लेकिन सामान्य जनजीवन पूरी तरह बहाल होने में अभी समय लग सकता है।

5. प्रयागराज में भी नदियों का जलस्तर नीचे

प्रयागराज में भी गंगा और यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को नैनी में यमुना का जलस्तर 81.02 मीटर दर्ज किया गया।

वहीं फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 81.90 मीटर और छतनाग में 80.57 मीटर दर्ज किया गया। बक्सी बांध स्थित STP के पास भी जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई, जहां यह 81.18 मीटर रहा।

प्रयागराज जिले में गंगा और यमुना के लिए खतरे का निशान 84.734 मीटर निर्धारित है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार दोनों नदियों का जलस्तर इस सीमा से काफी नीचे है।

वाराणसी और प्रयागराज में जलस्तर घटने से राहत जरूर मिली है, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी भी सतर्कता बरती जा रही है। खासकर वाराणसी में नाव संचालन शुरू करने से पहले नदी की स्थिति का आकलन किया जाएगा।

दिनांक: 13 सितंबर 2026
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