
Report By: Kiran Prakash Singh
पुणे के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने महिलाओं को देश की सबसे बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने छात्राओं की समस्याएं भी सुनीं।
दिनांक: 23 अगस्त 2026 | digitallivenews.com
पुणे में राहुल गांधी बोले- महिलाएं भारत की सबसे बड़ी ताकत
पुणे में शनिवार को आयोजित कांग्रेस के युवा संपर्क कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने महिलाओं की भूमिका और उनकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बात की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने छात्राओं से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना।
राहुल गांधी ने कहा कि महिलाएं भारत की सबसे बड़ी ताकत और पूंजी हैं। उन्होंने महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई बार हिंसा और सामाजिक दबाव का इस्तेमाल किया जाता है।
छात्राओं ने राहुल गांधी से साझा की अपनी समस्याएं
कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं ने राहुल गांधी से बातचीत के दौरान अपनी रोजमर्रा की चुनौतियों को सामने रखा। छात्राओं ने कथित तौर पर यौन उत्पीड़न, निजी सुरक्षा, सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन और आर्थिक परेशानियों जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
छात्राओं का कहना था कि इन समस्याओं का असर उनकी शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता पर भी पड़ता है। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने उनकी बात सुनी और महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने तथा खुद पर भरोसा रखने की बात कही।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और छात्रों के साथ सीधे संवाद करना बताया गया। इसमें शिक्षा, रोजगार और महिलाओं की सुरक्षा सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
राहुल बोले- महिलाएं देश की सबसे बड़ी ताकत
राहुल गांधी ने भारत की ताकत को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा कि कोई देश की सबसे बड़ी ताकत अर्थव्यवस्था को मान सकता है, कोई सेना को और कोई मेडिकल सिस्टम को। लेकिन उनके मुताबिक भारत की सबसे बड़ी ताकत देश की महिलाएं हैं।
उन्होंने महिलाओं की संवेदनशीलता, सहानुभूति और सामाजिक भूमिका का जिक्र किया। राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय महिलाएं देश की बड़ी पूंजी हैं और उनकी क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास और अपने लिए खड़े होने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।
महिलाओं को तीन भूमिकाओं तक सीमित करने पर सवाल
राहुल गांधी ने समाज में महिलाओं की पहचान को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जब किसी महिला की बात होती है तो उसे अक्सर तीन भूमिकाओं में देखा जाता है—बेटी, पत्नी और मां।
उन्होंने कहा कि ये रिश्ते महत्वपूर्ण हैं, लेकिन किसी महिला की पूरी पहचान केवल इन्हीं भूमिकाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। महिलाओं की अपनी व्यक्तिगत पहचान, प्रतिभा, महत्वाकांक्षा और पेशेवर क्षमताएं भी हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली महिलाएं हैं, जिन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए।
’80 प्रतिशत महिलाएं उत्पीड़न का सामना करती हैं’
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि 80 प्रतिशत महिलाएं उत्पीड़न का सामना करती हैं। हालांकि, उनके इस दावे के लिए कार्यक्रम में कोई विस्तृत आंकड़ा या स्रोत सामने नहीं रखा गया।
महिला सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी परिस्थितियां नहीं होनी चाहिए जिनके कारण महिलाएं शिक्षा, रोजगार या सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ने से डरें।
कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा उठाए गए सुरक्षा और परिवहन से जुड़े मुद्दे भी इसी व्यापक चिंता का हिस्सा रहे। महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना उनके अनुसार सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
महिलाओं की भागीदारी पर राहुल का जोर
राहुल गांधी के संबोधन में महिलाओं की समान भागीदारी और स्वतंत्र पहचान पर खास जोर दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उनकी प्रतिभा को अवसर मिलना चाहिए।
पुणे का यह कार्यक्रम कांग्रेस के युवा संपर्क अभियान का हिस्सा था, जिसमें छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद करने की कोशिश की गई। राहुल गांधी ने छात्राओं की समस्याएं सुनने के साथ महिलाओं को अपने लिए आवाज उठाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान उठे मुद्दों में महिला सुरक्षा, शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता और सार्वजनिक परिवहन जैसे विषय प्रमुख रहे। राहुल गांधी ने महिलाओं को देश की ताकत बताते हुए उनके लिए सुरक्षित और समान अवसर वाला माहौल बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
फिलहाल पुणे में राहुल गांधी का यह बयान महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और समाज में उनकी भूमिका को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है।