स्मृति ईरानी की वापसी, नितिन नवीन की टीम में बड़ी जिम्मेदारी

Report By: Kiran Prakash Singh

बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी मिली है। दो साल बाद संगठन में उनकी बड़ी वापसी हुई है।

दो साल बाद स्मृति ईरानी की वापसी, नितिन नवीन की टीम में बड़ी जिम्मेदारी

17 अगस्त 2026 | digitallivenews.com

भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री और अमेठी की पूर्व सांसद स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। सोमवार, 17 अगस्त को जारी सूची के बाद बीजेपी संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

स्मृति ईरानी बीजेपी की प्रमुख नेताओं में गिनी जाती हैं। उन्होंने वर्ष 2003 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली थी। इसके बाद संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और केंद्र सरकार में भी अलग-अलग मंत्रालयों का दायित्व निभाया।

2003 में बीजेपी से जुड़ीं स्मृति ईरानी

राजनीति में आने से पहले स्मृति ईरानी टेलीविजन अभिनेत्री और मॉडल के तौर पर पहचान बना चुकी थीं। वर्ष 2003 में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता लेकर सक्रिय राजनीति की शुरुआत की।

इसके बाद पार्टी संगठन में उनकी भूमिका लगातार बढ़ती गई। वर्ष 2011 में उन्हें राज्यसभा के लिए चुना गया। इसके बाद राष्ट्रीय राजनीति में उनका कद तेजी से बढ़ा और वह बीजेपी के प्रमुख महिला चेहरों में शामिल हो गईं।

नई राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी मिलने के बाद माना जा रहा है कि पार्टी संगठन में उनकी भूमिका और सक्रियता फिर से बढ़ेगी।

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से घर-घर में पहचान

स्मृति ईरानी की राजनीतिक यात्रा से पहले उनकी पहचान मनोरंजन जगत में थी। वर्ष 2000 में उन्हें एकता कपूर के प्रोडक्शन के लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में काम करने का मौका मिला।

इस धारावाहिक ने उन्हें देशभर में घर-घर पहचान दिलाई। उनकी लोकप्रियता ने उन्हें टीवी की दुनिया का बड़ा चेहरा बना दिया। इसके बाद उन्होंने राजनीति की ओर रुख किया और धीरे-धीरे बीजेपी संगठन में अपनी मजबूत जगह बनाई।

वर्ष 2001 में स्मृति ईरानी ने जुबिन ईरानी से शादी की। इसके बाद उनका नाम स्मृति जुबिन ईरानी के रूप में जाना जाने लगा।

2019 में राहुल गांधी को हराकर बढ़ा राजनीतिक कद

स्मृति ईरानी ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

इसके बाद उन्होंने अमेठी में अपनी राजनीतिक सक्रियता जारी रखी। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने एक बार फिर अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा और इस बार उन्हें हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया।

2019 की जीत के बाद स्मृति ईरानी बीजेपी के राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गईं। हालांकि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें अमेठी सीट से कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

मोदी सरकार में संभाले कई महत्वपूर्ण मंत्रालय

स्मृति ईरानी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। उनके पास अलग-अलग समय में मानव संसाधन विकास मंत्रालय, कपड़ा मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग रहे।

केंद्रीय मंत्री के तौर पर स्मृति ईरानी कई बड़े नीतिगत और राजनीतिक मुद्दों पर सरकार का प्रमुख चेहरा रही हैं। संसद और चुनावी मंचों पर उनके आक्रामक भाषणों की वजह से भी वह बीजेपी की चर्चित नेताओं में शामिल रहीं।

2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार के बाद उनकी सक्रिय चुनावी राजनीति में कुछ कमी दिखाई दी थी। अब नितिन नवीन की नई टीम में राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी मिलने से संगठन में उनकी नई राजनीतिक भूमिका तय हो गई है।

नितिन नवीन की टीम में वापसी का क्या मतलब?

स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने को बीजेपी के संगठनात्मक विस्तार की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी नई टीम में अनुभवी नेताओं के साथ युवा चेहरों और महिला नेतृत्व को भी जगह देने की कोशिश कर रही है।

स्मृति ईरानी के पास सरकार, संगठन और चुनावी राजनीति का लंबा अनुभव है। अमेठी में राहुल गांधी के खिलाफ 2019 की जीत ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में एक अलग पहचान दिलाई थी। ऐसे में नई जिम्मेदारी के साथ पार्टी उनसे संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए रणनीति बनाने में अहम भूमिका की उम्मीद कर सकती है।

अब देखना होगा कि राष्ट्रीय महामंत्री के तौर पर स्मृति ईरानी को कौन से क्षेत्र या संगठनात्मक दायित्व दिए जाते हैं। उनकी वापसी से बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में महिला नेतृत्व और अनुभवी चेहरों का संतुलन भी दिखाई देता है।

17 अगस्त 2026 | digitallivenews.com

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