
Report By: Kiran Prakash Singh
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने पर अधीर रंजन चौधरी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। कहा, कांग्रेस मानसून सत्र में यह मुद्दा जोरदार ढंग से उठाएगी। 18 जुलाई 2026।
📅 दिनांक: 18 जुलाई 2026
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सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर अधीर रंजन चौधरी भड़के, बोले- संसद से सड़क तक उठेगा मुद्दा
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को तबीयत बिगड़ने के बाद 21वें दिन दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले पर अब कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण विरोध के लोकतांत्रिक अधिकार पर भी सवाल खड़े करती है।
अधीर रंजन बोले- यह बेहद शर्मनाक घटना
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल ले जाना बेहद शर्मनाक है। उनके अनुसार, यह न केवल वांगचुक की गरिमा का अपमान है, बल्कि शांतिपूर्ण ढंग से चल रहे प्रदर्शन पर भी सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
गांधी के रास्ते पर चलने के दावे पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “जो सरकार भूख हड़ताल तक की अनदेखी करती है, वह महात्मा गांधी के रास्ते पर चलने का दावा कैसे कर सकती है?” उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा जनता की आवाज सुनी है और अहिंसक विरोध तथा लोकतांत्रिक असहमति का सम्मान किया है।
मानसून सत्र में उठेगा मुद्दा
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले को संसद के मानसून सत्र में मजबूती से उठाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह सरकार से जवाब मांगेगी और इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रखेगी।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जो सरकार जनता की आवाज सुनने को तैयार नहीं होती और देश के बुद्धिजीवियों के साथ इस तरह का व्यवहार करती है, वह जनता का विश्वास खो देती है। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता ही करती है।
पुलिस ने कार्रवाई को बताया स्वास्थ्य आधारित फैसला
वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराने का निर्णय उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति, मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के आधार पर लिया गया। पुलिस के अनुसार, लंबे समय तक भूख हड़ताल और शरीर में पानी की कमी को देखते हुए उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना आवश्यक था।
निष्कर्ष
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाने के बाद यह मामला अब पूरी तरह राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। एक ओर विपक्षी दल इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर चोट बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन इसे स्वास्थ्य सुरक्षा और न्यायालय के निर्देशों के तहत उठाया गया कदम बता रहा है। अब सभी की नजर संसद के मानसून सत्र पर है, जहां इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।
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📅 Date: 18 जुलाई 2026