
Report By: Kiran Praakash Singh
सोनम वांगचुक के डॉक्टर डॉ. नितिन दिघे ने पोटैशियम रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र जांच की बात कही। पत्नी ने अस्पताल बदलने की मांग भी दोहराई। 18 जुलाई 2026।
📅 दिनांक: 18 जुलाई 2026
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सोनम वांगचुक की सेहत पर उठे सवाल, डॉक्टर बोले- ‘यह शक पैदा करता है’
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 दिनों तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर नया विवाद सामने आया है। वांगचुक के निजी डॉक्टर डॉ. नितिन दिघे ने अस्पताल की ओर से बताए गए पोटैशियम लेवल पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पास मौजूद पिछली जांच रिपोर्ट में पोटैशियम सामान्य था। उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध न कराए जाने पर भी चिंता जताई और स्वतंत्र जांच कराने की बात कही।
डॉक्टर बोले- एक दिन पहले पोटैशियम था सामान्य
डॉ. नितिन दिघे ने बताया कि वह और उनकी मेडिकल टीम पिछले 20 दिनों से लगातार सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य निगरानी कर रहे थे। उनके अनुसार, 17 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 3 बजे उन्होंने स्वयं ब्लड सैंपल लिया था, जिसमें पोटैशियम स्तर 4.8 आया था। डॉक्टर ने कहा कि 3.5 से ऊपर का स्तर सामान्य माना जाता है, इसलिए अस्पताल की ओर से बाद में पोटैशियम कम होने की बात पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
रिपोर्ट नहीं मिलने पर जताई नाराजगी
डॉ. दिघे ने कहा कि उन्होंने और वांगचुक के कानूनी प्रतिनिधियों ने अस्पताल प्रशासन से ब्लड टेस्ट रिपोर्ट मांगी, लेकिन अब तक उन्हें रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका कहना है कि मेडिकल जानकारी साझा नहीं किए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने इसे पारदर्शिता का मामला बताते हुए कहा कि मरीज और उसके परिवार को रिपोर्ट मिलना जरूरी है।
स्वतंत्र जांच के लिए भेजा ब्लड सैंपल
डॉ. नितिन दिघे ने बताया कि उन्होंने स्वतंत्र जांच के लिए अलग से ब्लड सैंपल लिया है। उनका कहना है कि इस जांच की रिपोर्ट आने के बाद उसे सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि दोनों रिपोर्टों में अंतर पाया जाता है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पत्नी ने अस्पताल बदलने की मांग दोहराई
इस बीच सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि डी. अंगमो ने सफदरजंग अस्पताल प्रशासन को लिखित पत्र देकर उन्हें दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग दोहराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार को मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई जा रही और वांगचुक की निगरानी कर रहे नियमित डॉक्टरों को भी मिलने की अनुमति नहीं दी गई। परिवार का कहना है कि बेहतर इलाज और अधिक पारदर्शिता के लिए अस्पताल बदलना जरूरी है।
20 जुलाई के मार्च को लेकर भी बयान
डॉ. दिघे ने बताया कि 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च अपने तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा। यदि स्वास्थ्य कारणों से सोनम वांगचुक स्वयं इसमें शामिल नहीं हो पाते हैं, तो उनकी पत्नी गीतांजलि डी. अंगमो मार्च में भाग लेंगी। इससे साफ है कि समर्थक अपने आंदोलन को आगे भी जारी रखने की तैयारी में हैं।
निष्कर्ष
सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं। एक ओर उनके निजी डॉक्टर डॉ. नितिन दिघे ने पोटैशियम रिपोर्ट और मेडिकल दस्तावेजों की उपलब्धता पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उनका इलाज जारी है। फिलहाल मामले में अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं और स्वतंत्र जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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📅 Date: 18 जुलाई 2026