
Report By: Kiran Prakash Singh
मुंबई में आरक्षण विरोधी मोर्चे के बाद रिपब्लिकन सेना पर FIR दर्ज। बिना अनुमति प्रदर्शन, सड़क जाम और भीड़ जुटाने के आरोप में आजाद मैदान पुलिस जांच कर रही है।
Published: 01 July 2026 | Digitallivenews.com
मुंबई में रिपब्लिकन सेना के मोर्चे पर FIR, बिना अनुमति प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई
मुंबई में आरक्षण और उप-वर्गीकरण के विरोध में निकाले गए मोर्चे के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। रिपब्लिकन सेना द्वारा बिना अनुमति आयोजित प्रदर्शन के मामले में आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध रूप से बड़ी संख्या में लोगों के जमावड़े, सड़क जाम और सार्वजनिक व्यवस्था बाधित होने के आरोप में की गई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।
बिना अनुमति निकला था विरोध मार्च
जानकारी के अनुसार, रिपब्लिकन सेना ने आरक्षण और उप-वर्गीकरण के विरोध में मुंबई में एक बड़ा मोर्चा निकाला था। प्रशासन की ओर से इस प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई थी, इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन किया।
इस दौरान कई स्थानों पर यातायात बाधित हुआ और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने इसे कानून व्यवस्था का उल्लंघन मानते हुए मामला दर्ज किया है।
आजाद मैदान पुलिस ने दर्ज किया मामला
आजाद मैदान पुलिस थाने में दर्ज FIR में आरोप लगाया गया है कि बिना अनुमति के बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र कर रैली निकाली गई। इसके साथ ही सड़क जाम और सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने के मामले भी शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच तेज कर दी गई है। आयोजकों और प्रदर्शन से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
आरक्षण और उप-वर्गीकरण पर क्या है विवाद?
आरक्षण और उप-वर्गीकरण का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र रहा है। उप-वर्गीकरण का उद्देश्य अनुसूचित जातियों के भीतर उन वर्गों की पहचान करना है जिन्हें अब तक आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिल पाया है।
हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर विभिन्न संगठनों और समूहों के बीच मतभेद भी देखने को मिल रहे हैं। विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि इससे मौजूदा आरक्षण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
मुख्यमंत्री फडणवीस का रुख
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मुद्दे पर कहा है कि राज्य सरकार ने अभी आरक्षण और उप-वर्गीकरण पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों से विचार-विमर्श के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए ही सरकार कोई कदम उठाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी समुदाय के साथ अन्याय न हो।
डिप्टी सीएम शिंदे की बातचीत और आगे की स्थिति
डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि प्रदर्शन के बाद संबंधित प्रतिनिधिमंडल से उनकी मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों को गंभीरता से सुना गया है और इस विषय पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा कर विस्तृत बैठक बुलाई जाएगी।
शिंदे ने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी समुदायों को समान न्याय देना है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। इस बीच, पुलिस की जांच और राजनीतिक बातचीत दोनों ही स्तर पर यह मामला आगे बढ़ रहा है।
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