
Report By: Kiran Prakash Singh
सीएम योगी के श्रीकृष्ण जन्मभूमि बयान के बाद AIMIM ने तीखी प्रतिक्रिया दी। यूपी की राजनीति में बयानबाजी तेज, विपक्ष ने उठाए कई सवाल।
Published Date: 29 जून 2026
श्रीकृष्ण जन्मभूमि बयान पर यूपी की सियासत गरमाई, AIMIM ने किया पलटवार
उत्तर प्रदेश में मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान के बाद राज्य की सियासत में गर्माहट बढ़ गई है। उनके बयान के बाद विपक्षी दलों और AIMIM ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिससे यह मुद्दा फिर सुर्खियों में आ गया है।
यह पूरा विवाद धार्मिक और राजनीतिक दोनों ही स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है, जहां पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं।
सीएम योगी के बयान से शुरू हुई बहस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस में एक कार्यक्रम के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मुद्दे पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि जैसे श्रीराम जन्मभूमि के लिए आंदोलन हुआ था, वैसे ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि की “मुक्ति” के लिए भी अभियान चलना चाहिए।
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई और विभिन्न दलों ने इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया।
AIMIM ने किया तीखा पलटवार
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने सीएम योगी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। AIMIM पूर्वांचल अध्यक्ष इसरार अहमद ने कहा कि बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों का एजेंडा लगभग एक जैसा नजर आता है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब उत्तर प्रदेश की राजनीति केवल धार्मिक मुद्दों तक ही सीमित रह जाएगी, जबकि जनता के असली मुद्दों पर कोई बात नहीं हो रही।
‘एनकाउंटर की बात क्यों नहीं होती’ – AIMIM
AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर और कृष्ण जन्मभूमि जैसे मुद्दों पर चर्चा होती है, तो सरकार को 17 हजार एनकाउंटर की भी बात करनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक मुद्दों को प्राथमिकता देकर अन्य गंभीर विषयों से ध्यान भटका रही है।
‘राजधर्म’ पर भी उठे सवाल
शादाब चौहान ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संविधान की शपथ ली है और उन्हें उसी के अनुसार “राजधर्म” का पालन करना चाहिए।
उनका कहना है कि धार्मिक मुद्दों पर बयानबाजी से जनता के मूल मुद्दे पीछे छूट रहे हैं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर सवाल उठ रहे हैं।
मथुरा विवाद फिर चर्चा में
श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन समय-समय पर राजनीतिक बयानों के कारण यह मुद्दा फिर से सुर्खियों में आ जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान राजनीतिक माहौल को और अधिक संवेदनशील बना देते हैं और विभिन्न वर्गों के बीच बहस को तेज कर देते हैं।
यूपी की राजनीति में बढ़ती बयानबाजी
उत्तर प्रदेश की राजनीति में धार्मिक मुद्दों को लेकर लगातार बयानबाजी देखी जा रही है। पक्ष और विपक्ष दोनों ही एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर राज्य की राजनीति को गरम कर दिया है, और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।
Source: digitallivenews.com