
Report By: Kiran Prakash Singh
🏏 क्रिकेट के वो रिकॉर्ड्स जो शायद कभी नहीं टूटेंगे
डॉन ब्रैडमैन, जैक हॉब्स, जिम लेकर और रोहित शर्मा के वो रिकॉर्ड्स जो आज भी क्रिकेट इतिहास में अमिट हैं और शायद कभी टूटें नहीं।
मुंबई (Digitallivenews)।
क्रिकेट में कहा जाता है, “रिकॉर्ड तोड़ने के लिए ही बनते हैं।” लेकिन कुछ रिकॉर्ड ऐसे हैं जो समय के साथ भी अटूट बने हुए हैं। आइए जानते हैं उन चार क्रिकेटरों के बारे में, जिनके रिकॉर्ड आज भी इतिहास रचते हैं।
1️⃣ डॉन ब्रैडमैन – क्रिकेट का ‘मैथ्स जीनियस’
ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज सर डॉन ब्रैडमैन का टेस्ट औसत 99.94 आज भी किसी के लिए चुनौती बना हुआ है। उन्होंने 52 टेस्ट मैचों में 6,996 रन बनाए। मजेदार बात ये है कि अपनी आखिरी टेस्ट पारी में ब्रैडमैन शून्य पर आउट हुए थे, जिससे उनका औसत 100 से बस थोड़ा कम रह गया। इस रिकॉर्ड के आसपास आज तक कोई भी बल्लेबाज नहीं पहुंच पाया।
2️⃣ जैक हॉब्स – फर्स्ट क्लास क्रिकेट का शतक राजा
इंग्लैंड के बल्लेबाज जैक हॉब्स ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का कीर्तिमान बनाया। 834 मैचों में उनके नाम 199 शतक और 273 अर्धशतक दर्ज हैं। उन्होंने कुल 61,760 रन बनाए और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 316 रहा। सचिन तेंदुलकर जैसे महान बल्लेबाज भी हॉब्स के इस रिकॉर्ड के करीब नहीं पहुँच पाए।
3️⃣ जिम लेकर – एक मैच में 19 विकेट का जादू
इंग्लैंड के पूर्व गेंदबाज जिम लेकर ने साल 1956 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में 19 विकेट लेकर तहलका मचा दिया। पहली पारी में 9 और दूसरी पारी में 10 विकेट लेकर वह इस रिकॉर्ड के अकेले धनी हैं। कोई भी गेंदबाज अब तक इस रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाया।
4️⃣ रोहित शर्मा – ODI का शतक मशीन
भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के नाम वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड है। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 2014 में 264 रन बनाए। इसके अलावा रोहित ही दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिन्होंने वनडे में तीन दोहरे शतक लगाए हैं। आज तक कोई भी बल्लेबाज तीन तो दूर, दो बार भी दोहरा शतक नहीं लगा पाया।
⚡ क्रिकेट के इतिहास में इन रिकॉर्ड्स की खासियत
इन रिकॉर्ड्स की खास बात यह है कि वे न केवल खिलाड़ियों की काबिलियत का प्रमाण हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा हैं। चाहे बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी, ये चार खिलाड़ियों ने क्रिकेट की दुनिया में अपनी अमिट छाप छोड़ी है।