
Report By: Kiran Prakash Singh
🌫️ राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदूषण विरोध प्रदर्शन पर उठाया सवाल
दिल्ली में हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर, इंडिया गेट पर प्रदूषण विरोध प्रदर्शन और राहुल गांधी ने सरकार की कार्रवाई पर उठाए सवाल।
नई दिल्ली (digitallivenews): दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के खिलाफ रविवार को इंडिया गेट पर सैकड़ों लोगों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। लेकिन शाम तक पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को इंडिया गेट से हटा दिया और कई लोगों को हिरासत में लिया। इस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आलोचना की।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन का वीडियो शेयर करते हुए लिखा,
“शांतिपूर्ण तरीके से साफ हवा की मांग करने वाले नागरिकों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है? वायु प्रदूषण करोड़ों भारतीयों को प्रभावित कर रहा है। हमारे बच्चों और देश के भविष्य को यह नुकसान पहुँचा रहा है, लेकिन सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं। हमें स्वच्छ हवा की मांग कर रहे नागरिकों पर हमला करने की बजाय, निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए।”
📊 दिल्ली का वायु प्रदूषण स्थिति
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, रविवार सुबह दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है।
कुछ इलाकों की हालत और भी खराब रही:
-
बवाना: 436
-
पटपड़गंज: 425
-
आरके पुरम: 422
-
आनंद विहार: 412
पर्यावरण कार्यकर्ता भवरीन कंधारी ने कहा कि बच्चों की सेहत पर गहरा असर पड़ रहा है। हर तीसरे बच्चे के फेफड़े प्रदूषण से प्रभावित हैं।
प्रदर्शन में कई महिलाएं अपने बच्चों के साथ पहुंचीं और सरकार से स्वच्छ हवा का अधिकार देने की मांग की। वहीं, पुलिस ने कहा कि इंडिया गेट पर बिना परमिशन विरोध करने वालों को हटाना पड़ा। डीसीपी ने यह भी बताया कि जंतर-मंतर ही विरोध के लिए निर्धारित जगह है।
⚠️ विशेषज्ञों की चेतावनी
वायु प्रदूषण लगातार बढ़ने से साँस लेने में परेशानी, एलर्जी, और बच्चों में फेफड़ों की समस्याएँ बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को तत्काल कदम उठाकर इस संकट से निपटना होगा।
💡 निष्कर्ष
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर हर साल चिंता बढ़ा रहा है। जनता का कहना है कि स्वच्छ हवा का अधिकार हर नागरिक का मूल अधिकार होना चाहिए। और राहुल गांधी जैसे नेता इसे उजागर कर लोगों की आवाज़ सरकार तक पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं।
याद रखें: स्वच्छ हवा सिर्फ एक मांग नहीं, बल्कि हमें और हमारे बच्चों का अधिकार है।