मॉनिटर लिजार्ड: सांपों की शिकारी, इंसानों की रक्षक

Report By: Kiran Prakash Singh 

नई दिल्ली (digitallivenews)।

मॉनिटर लिजार्ड (गोशाप, गोह या बचकाना छिपकली) इंसानों की दुश्मन नहीं, बल्कि उनकी बड़ी मददगार है। यह सीधे तौर पर सांपों की आबादी को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाती है। मॉनिटर लिजार्ड भारत की सबसे बड़ी छिपकली प्रजाति मानी जाती है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह हर साल करीब 50,000 इंसानों की जान सांप के हमलों से बचाती है। भारत में छिपकलियों की लगभग 377 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें मॉनिटर लिजार्ड सबसे खास है। इसकी लंबाई 61 सेंटीमीटर से लेकर 175 सेंटीमीटर तक हो सकती है। नर आमतौर पर मादा से बड़े और भारी होते हैं

वयस्क नर का वजन 7 से 10 किलो तक होता है, जबकि मादा का वजन 4 से 6 किलो के बीच होता है। इनका रंग भूरा या जैतूनी-भूरा होता है और शरीर पर काले धब्बे होते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक मॉनिटर लिजार्ड जहरीली नहीं होती है, लेकिन उत्तर भारत समेत कई हिस्सों में यह अंधविश्वास का शिकार बनती है।

लोगों में यह भ्रांति है कि इसके काटने से इंसान की मौत हो सकती है, जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। यह छिपकली जहरीली नहीं होती और इंसानों पर हमला भी नहीं करती। इसके बावजूद अज्ञानता और अंधविश्वास के कारण इसे देखते ही मार दिया जाता है। मॉनिटर लिजार्ड सांपों के अंडे खाने के लिए जानी जाती है।

यही इसकी खासियत है, क्योंकि यह उन्हीं स्थानों पर ठिकाना बनाती है जहां सांप अंडे देते हैं। इस तरह यह प्राकृतिक रूप से सांपों की संख्या को नियंत्रित करती है। भारत में हर साल 30 से 40 लाख सर्पदंश के मामले दर्ज होते हैं, जिनमें लगभग 50,000 लोगों की मौत हो जाती है। इनमें से अधिकांश घटनाएं जून से सितंबर के बीच होती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मॉनिटर लिजार्ड सांपों की संख्या पर नियंत्रण न रखे तो सर्पदंश से होने वाली मौतों की संख्या दोगुनी हो सकती है। इसके बावजूद मॉनिटर लिजार्ड बड़े पैमाने पर शिकार का शिकार होती है। काला जादू और अन्य अंधविश्वासों के चलते लोग इसे नुकसान पहुंचाते हैं।

आमतौर पर डर और अंधविश्वास के कारण मारी जाने वाली मॉनिटर लिजार्ड (जिसे गोह, गोशाप या बचकाना छिपकली भी कहा जाता है), वास्तव में इंसानों की एक बड़ी रक्षक है। यह भारत में पाई जाने वाली सबसे बड़ी छिपकली प्रजाति है और सांपों की आबादी को नियंत्रित कर हर साल हजारों लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सांपों के अंडों की दुश्मन

वन्यजीव विशेषज्ञ बताते हैं, कि मॉनिटर लिजार्ड सांपों के अंडे खाकर उनकी संख्या पर प्राकृतिक नियंत्रण रखती है। ये छिपकलियां उन्हीं इलाकों में रहना पसंद करती हैं, जहां सांप अंडे देते हैं।
भारत में हर साल करीब 30 से 40 लाख सर्पदंश के मामले सामने आते हैं, जिनमें लगभग 50,000 मौतें होती हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर मॉनिटर लिजार्ड न हो, तो यह संख्या दोगुनी हो सकती है।

जहरीली नहीं, लेकिन अंधविश्वास की शिकार

मॉनिटर लिजार्ड जहरीली नहीं होती और न ही यह इंसानों पर हमला करती है। फिर भी उत्तर भारत समेत कई हिस्सों में यह अंधविश्वास और गलत धारणाओं की वजह से मार दी जाती है।
कुछ जगहों पर इसे काला जादू और तंत्र-मंत्र से जोड़कर भी नुकसान पहुंचाया जाता है।

विशेषताएं और पहचान

  • भारत में छिपकलियों की लगभग 377 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें मॉनिटर लिजार्ड सबसे बड़ी है।

  • इसकी लंबाई 61 से 175 सेंटीमीटर तक और वज़न 4 से 10 किलो तक हो सकता है।

  • इसका रंग भूरा या जैतूनी-भूरा होता है और शरीर पर काले धब्बे होते हैं।

  • नर आमतौर पर मादा से बड़े और भारी होते हैं।

संरक्षण की ज़रूरत

इतने महत्वपूर्ण जैविक योगदान के बावजूद, मॉनिटर लिजार्ड बड़े पैमाने पर शिकार का शिकार होती है। वन्यजीव विशेषज्ञों और पर्यावरणविदों का मानना है कि लोगों को इसके महत्व और असली प्रकृति के बारे में जागरूक करना जरूरी है, ताकि यह प्रजाति संरक्षित रह सके और सांपों की आबादी पर संतुलन बना रहे।


निष्कर्ष:

मॉनिटर लिजार्ड कोई खतरा नहीं, बल्कि प्रकृति द्वारा नियुक्त एक प्राकृतिक संतुलनकर्ता है। इसके महत्व को समझना और इसे मारने की जगह संरक्षण देना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।

Also Read

बंगाल एग्जिट पोल: BJP बढ़त, TMC को झटका?

फातिमा सना शेख का नया अंदाज़ और आने वाली रोमांटिक फिल्म

बिना बैंक खाते के बच्चे चलाएंगे Paytm UPI, जानें तरीका

बाबा सिद्दीकी केस: बेटी ने जांच पर उठाए सवाल, कोर्ट पहुंची

‘भूत बंगला’ 29वें दिन भी दमदार, रिकॉर्ड से बस कदम दूर

You Might Also Like

रोहित को हटाना है तो साफ कहें, मदन लाल का बड़ा बयान

World Cup Final 2026: मेसी या यमाल? 60 साल बाद होगा ऐतिहासिक मुकाबला

‘आर्टिकल 370’ की बड़ी जीत, आदित्य धर ने जताया आभार

सलमान खान का नया लुक देख फैंस चिंतित, वीडियो हुआ वायरल

रात में जंतर-मंतर पहुंचे चंद्रशेखर, संसद मार्च पर बड़ा संकेत

22 जुलाई को राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक, कई फैसलों पर नजर

जौहर यूनिवर्सिटी पर नया कदम, डीएम ने मांगी छात्रों की पूरी जानकारी

जौहर यूनिवर्सिटी पर अखिलेश का हमला, छात्रों से की बड़ी अपील

Select Your City