
Report By: Kiran Prakash Singh
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली होगी। कांग्रेस ने यूपी से 50 हजार और हरियाणा से एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है।
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दिल्ली महारैली के लिए कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, यूपी-हरियाणा से जुटेंगे हजारों कार्यकर्ता
Digital Live News | 24 अक्टूबर 2026 | digitallivenews.com
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली को लेकर कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा से बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, उत्तर प्रदेश से 50 हजार और हरियाणा से एक लाख लोगों को दिल्ली लाने की तैयारी है।
कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के नेताओं के साथ हुई बैठकों में जनभागीदारी बढ़ाने और संगठनात्मक तैयारियों पर चर्चा की गई। पार्टी इस रैली के जरिए मताधिकार की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी कर रही है।
1. हरियाणा से एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य
कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि हरियाणा को महारैली के लिए एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य इस लक्ष्य को पूरा करने के साथ इससे अधिक लोगों को भी दिल्ली लेकर आएगा।
उनके मुताबिक, हरियाणा कांग्रेस ने रैली के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं और कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में शामिल कराने की योजना बनाई जा रही है। पार्टी नेताओं को उम्मीद है कि रामलीला मैदान में हरियाणा की भागीदारी प्रमुख रूप से दिखाई देगी।
2. यूपी के सभी 75 जिलों से पहुंचेंगे लोग: अजय राय
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी महारैली में प्रदेश की बड़ी भागीदारी का दावा किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों से लोग दिल्ली पहुंचेंगे।
अजय राय के मुताबिक, पार्टी को यूपी से 50 हजार लोगों को जुटाने का लक्ष्य दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस संगठन अलग-अलग जिलों में कार्यकर्ताओं और समर्थकों से संपर्क कर रहा है, ताकि निर्धारित संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उत्तर प्रदेश की भागीदारी इस महारैली को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
3. प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल ने की बैठक
महारैली की तैयारियों को लेकर केसी वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। इसमें उत्तर प्रदेश के एआईसीसी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
बैठक में रैली के लिए लोगों को जुटाने, संगठन की तैयारियों और विभिन्न जिलों से कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।
इसके बाद हरियाणा कांग्रेस के नेताओं के साथ भी बैठक आयोजित की गई। इसमें हरियाणा के एआईसीसी प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया।
हरियाणा के कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बैठक के बाद कहा कि जनता अपने मताधिकार की रक्षा करेगी और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं होने देगी। उन्होंने भी रैली में बड़ी भागीदारी की उम्मीद जताई।
4. ‘दिल्ली चलो मार्च’ के बाद रामलीला मैदान में महारैली
कांग्रेस की योजना महारैली से पहले बड़े स्तर पर जनभागीदारी जुटाने की है। केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, ‘दिल्ली चलो मार्च’ 1 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेगा, जिसके बाद रामलीला मैदान में महारैली आयोजित की जाएगी।
उन्होंने इस अभियान में देशभर से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई और कम से कम 10 लाख नागरिकों की भागीदारी का दावा किया। हालांकि, यह पार्टी की ओर से जताई गई अपेक्षा है; वास्तविक संख्या आयोजन के दिन ही स्पष्ट होगी।
हरियाणा और उत्तर प्रदेश के नेताओं ने अपने-अपने राज्यों से लोगों को जुटाने के लिए अलग-अलग लक्ष्य बताए हैं। कांग्रेस की कोशिश है कि इन तैयारियों के जरिए रैली को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा राजनीतिक आयोजन बनाया जाए।
5. ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR पर रोक की मांग
कांग्रेस की महारैली के प्रमुख मुद्दों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग शामिल है।
कांग्रेस का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। केसी वेणुगोपाल ने ज्ञानेश कुमार और अन्य संबंधित लोगों पर कथित ‘वोट चोरी’ में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।
ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं। संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी या किसी कथित अनियमितता की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जांच और उपलब्ध साक्ष्यों को देखना आवश्यक है।
पार्टी का कहना है कि महारैली के माध्यम से लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का संदेश देशभर में पहुंचाया जाएगा। कांग्रेस इसे इंडिया गठबंधन की एकजुटता दिखाने के अवसर के रूप में भी देख रही है।
अब नजर 1 नवंबर को होने वाली महारैली पर रहेगी। उत्तर प्रदेश और हरियाणा के लिए तय किए गए जनभागीदारी के लक्ष्यों के अलावा यह भी महत्वपूर्ण होगा कि रैली में इंडिया गठबंधन के कौन-कौन से नेता शामिल होते हैं और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर पार्टी आगे क्या रणनीति अपनाती है।
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